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October 19, 2026
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हर माह 9 तारीख को सुबह 11 बजे बजेगा भूकंप का सायरन, घबराएं नहीं – होगा सिस्टम का परीक्षण

देहरादून। उत्तराखंड में भूकंप के प्रति आमजन को जागरूक करने और भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली की कार्यप्रणाली को परखने के लिए अब हर माह की 9 तारीख को पूर्वाह्न 11 बजे राज्य में भूकंप का सायरन बजाया जाएगा। यह सायरन किसी वास्तविक भूकंप की सूचना नहीं होगा, बल्कि भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के नियमित परीक्षण और जनजागरूकता के उद्देश्य से बजाया जाएगा।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के साथ बैठक कर व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति पर चर्चा की। मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है और राज्य का बड़ा भू-भाग भूकंपीय जोन चार एवं पांच में आता है। ऐसे में लोगों में जागरूकता, पूर्व तैयारी और समय पर चेतावनी पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण है।

वर्तमान में राज्य में भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के तहत 169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित हैं। इन सेंसरों के माध्यम से भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी की जाती है। यूएसडीएमए और आईआईटी रुड़की के सहयोग से प्रणाली के तहत अतिरिक्त सेंसर लगाए जाने का प्रस्ताव भी गतिमान है। नियमित परीक्षण के दौरान यदि किसी स्थान पर सायरन या तकनीकी व्यवस्था में खराबी मिलती है तो उसे तत्काल दुरुस्त किया जाएगा।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने बताया कि 6 अक्टूबर 2026 को चमोली के थराली के निकट आए 4.9 तीव्रता के भूकंप के दौरान भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली ने काम किया था। आईआईटी रुड़की के सहयोग से संचालित प्रणाली के माध्यम से भूकंपीय तरंगों के आमजन तक पहुंचने से पहले चेतावनी प्राप्त हुई। भूदेव मोबाइल ऐप और स्थापित सायरनों के माध्यम से लोगों को चेतावनी दी गई। उन्होंने कहा कि भूकंप जैसी अचानक आने वाली आपदा में कुछ सेकंड की पूर्व चेतावनी भी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने और गैस व बिजली के उपकरण बंद करने के लिए महत्वपूर्ण समय दे सकती है।

हर माह होने वाले सायरन परीक्षण का एक उद्देश्य लोगों को इसकी आवाज से परिचित कराना भी है, ताकि वास्तविक भूकंप के समय सायरन बजने पर लोग उसे पहचान सकें और अनावश्यक भय या भ्रम की स्थिति न बने। परीक्षण के दौरान भूदेव मोबाइल ऐप पर भी संदेश प्राप्त होगा। मोबाइल में वाइब्रेशन और बीप-बीप की ध्वनि के जरिए चेतावनी संकेत दिया जाएगा।

यूएसडीएमए ने आमजन से अपील की है कि 9 तारीख को सुबह 11 बजे सायरन बजने पर घबराएं नहीं। लोग अपने मोबाइल में भूदेव और सचेत ऐप का अपडेटेड वर्जन रखें और दोनों ऐप को लोकेशन की अनुमति दें। साथ ही परिवार के सदस्यों, बच्चों और बुजुर्गों को भी इस व्यवस्था की जानकारी दें, ताकि वास्तविक आपदा के समय सभी लोग समय रहते उचित कदम उठा सकें।

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